Tuesday, August 25, 2009

मुझे गर्व है अपने देश पर

मैं चल सकता नही सड़क पर होकर निडर,
फ़िर भी मुझे गर्व है अपने देश पर।

न कीमत है आदमी के ईमान की,
न परवाह किसी को आदमी की जान की।
न क़द्र किसी को रहीम की ,
और न श्रद्धा किसी को राम की
शर्मिंदा है ख़ुद यहाँ इश्वर ।
मैं चल सकता नही......

मैं जीवित भी हूँ, मैं मरा भी हूँ,
मैं क्रोधित भी हूँ , मैं डरा भी हूँ,
यह कैसा गणतंत्र है की हर जगह आतंक है
भयभीत है हर मनुष्य फिर भी कहते है की हम स्वतंत्र हैं ।
यह देश जा रहा है किधर
मैं चल सकता नही.........

ए मेरे देश के ठेकेदारों येही है मेरी तुमसे विनती
की धूमिल न हो हमारी यह संस्कृति।
खुशी हो हर चेहरे पे, हर आंखों में विश्वास हो,
हर मनुष्य निडर हो , हर ह्रदय में सत्य का वास हो.
और मैं कह सकू अपना सर ऊपर कर,
हाँ मुझे गर्व है अपने देश पर .






3 comments:

Amol Balwant Shende said...

cool man..

kavi gagan ki kalpana anmol hai..

aapko vishesh pranaam

Unknown said...
This comment has been removed by the author.
Unknown said...

heart felt.... truely heart felt

i love my India